मुंबई के गोरेगांव स्थित एक बैंक शाखा में ग्राहक के लॉकर की डुप्लीकेट चाभी बनाकर 66.25 लाख रुपये के सोने और हीरे जड़ित आभूषण व सोने के सिक्के चोरी करने के आरोप में एक बैंक कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है। दिंडोशी पुलिस ने आरोपी गौरव रामेश्वर शर्मा को उत्तर प्रदेश स्थित उसके गृह नगर से गिरफ्तार किया। उसे बोरीवली की मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार गोरेगांव निवासी कोमल कनोडिया और उनके पति हेमंत कनोडिया, जो कपड़ा व्यापारी हैं, का परिवार के अन्य सदस्यों के साथ बैंक में संयुक्त खाता था। दंपति बैंक लॉकर का इस्तेमाल परिवार के कीमती सामान रखने के लिए करते थे।
लॉकर में दोहरी चाभी की व्यवस्था थी। एक चाभी ग्राहकों के पास रहती थी, जबकि दूसरी मास्टर चाभी बैंक के पास होती थी। लॉकर खोलने के लिए दोनों चाभियों की जरूरत पड़ती थी। जब भी दंपति लॉकर खोलते थे, बैंक मैनेजर पहले मास्टर चाभी का इस्तेमाल करता था और उसके बाद ग्राहक अपनी चाभी लगाते थे।
दंपति नियमित रूप से लॉकर में आभूषण और नकदी रखने तथा निकालने के लिए बैंक जाते थे। हालांकि, 25 अक्टूबर 2024 को हेमंत कनोडिया ने लॉकर खोला तो उन्हें परिवार के बड़ी मात्रा में कीमती सामान गायब मिला। गायब सामान में सोने के सिक्के, हार, चूड़ियां और बालियों वाले दो डायमंड सेट, एक सोने का हार, झुमके तथा हार, चूड़ियों, झुमकों और अंगूठियों वाला एक अन्य गोल्ड सेट शामिल था। चोरी हुए सामान की कुल कीमत करीब 66.25 लाख रुपये आंकी गई।
घटना की जानकारी बैंक मैनेजर को दी गई, जिसके बाद बैंक ने आंतरिक जांच शुरू की। बाद में जून 2026 में मामला दिंडोशी पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने अज्ञात बैंक कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की कि ग्राहक की चाभी के बिना लॉकर तक पहुंच कैसे बनाई गई।
जांच के दौरान पुलिस ने बैंक कर्मचारियों से पूछताछ की और लॉकर तक पहुंच से जुड़े घटनाक्रम की पड़ताल की। इसके बाद पुलिस ने उत्तर प्रदेश में गौरव शर्मा को हिरासत में लिया।
पुलिस का आरोप है कि गौरव शर्मा ने कनोडिया दंपति के लॉकर की डुप्लीकेट चाभी तैयार की थी। जांचकर्ताओं के मुताबिक, इसी चाभी का इस्तेमाल कर उसने लॉकर खोला और उसमें रखे कीमती सामान चोरी किए। पुलिस ने गौरव शर्मा के पास से चोरी किए गए आभूषण और सोने के सिक्के बरामद करने का दावा किया है।
