महाराष्ट्र के जलगांव तालुका के भोकर स्थित स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (SBI) में हुई डकैती की जांच में चौंकाने वाली जानकारी सामने आ रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस डकैती का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि बर्खास्त पुलिस उपनिरीक्षक (PSI) शंकर रमेश जासक है। शंकर जासक ने 2023 में जलगांव शहर के शनि पेठ पुलिस थाना क्षेत्र में स्थित SBI में अपने साले की मदद से 3.17 करोड़ रुपये की डकैती को अंजाम दिया था। इस मामले में वह जेल में बंद था।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, करीब दो से तीन महीने पहले वह जमानत पर बाहर आया था।
दूसरी ओर, गजानन राजेंद्र पवार 2024 में चालीसगांव शहर के पास अवैध संबंधों के चलते अपनी प्रेमिका के पति की हत्या के मामले में जेल में बंद था। वह भी करीब डेढ़ महीने पहले जमानत पर बाहर आया था। जलगांव सेंट्रल जेल में रहने के दौरान ही शंकर जासक और गजानन पवार की पहचान हुई थी। पुलिस जांच में सामने आ रही जानकारी के मुताबिक, इसी पहचान के बाद दोनों ने मिलकर एक गिरोह बनाया और डकैती की साजिश रची। इसके लिए उन्होंने दो अन्य साथियों को भी अपने साथ शामिल किया और भोकर स्थित SBI को निशाना बनाया।
डकैती के दिन चारों आरोपी कालिंका माता मंदिर के पास, भोकर स्थित SBI में दाखिल हुए। छर्रे वाली पिस्तौल का डर दिखाकर उन्होंने बैंक मैनेजर और कैशियर को धमकाया। दोनों के सिर पर पिस्तौल तानकर उनसे बैंक के 16 लॉकर खुलवाए। इसके बाद लॉकरों में रखे सोने को बैग में भरकर आरोपी फरार हो गए।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी करीब 40 से 45 मिनट तक बैंक के अंदर मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि वे पांच से छह बैगों में सोना और नकदी भरकर ले गए।
डकैती के बाद शंकर जासक और गजानन पवार धरनगांव की दिशा में भागे। इस बीच भोकर के ग्रामीणों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया था। पूरे जिले की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया था। भागते समय आरोपियों ने चावलखेड़ा के पास अपने पास मौजूद चार बैग सड़क किनारे फेंक दिए। चावलखेड़ा के पास बैग पड़े होने की सूचना मिलते ही पुलिस निरीक्षक उमाकांत गायकवाड़ अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
ग्रामीणों से आरोपियों के भागने की दिशा की जानकारी लेकर पुलिस ने तलाशी अभियान शुरू किया। आखिरकार शंकर जासक और गजानन पवार एक खेत में छिपे हुए मिले। पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
इस डकैती के मामले में पुलिस ने शंकर जासक (निवासी- खेड़ी, जलगांव) , गजानन पवार (निवासी- 32, न्यायडोंगरी, नासिक), और अंकुश तुलशीराम चव्हाण (निवासी: खापरखेड़ा) और अंकुश श्रावण चव्हाण- (निवासी- रामदेववाड़ी, जलगांव) को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक उनके पास से करीब 15 लाख रुपये नकद और सोने से भरे बैग बरामद किए गए हैं।
पुलिस पूछताछ में शंकर जासक और गजानन पवार ने जेल में हुई पहचान से लेकर डकैती की योजना बनाने तक का पूरा घटनाक्रम बताया है। हालांकि इन दोनों के साथ शामिल अन्य दो आरोपियों की पृष्ठभूमि क्या है, वे इस गिरोह में कैसे शामिल हुए और डकैती में आखिर कितनी नकदी और कितना सोना लूटा गया, इसकी जांच अभी जारी है।
रायगढ़ जिले में पुलिस उपनिरीक्षक के पद पर तैनात रहने के दौरान तत्कालीन भ्रष्टाचार निरोधक विभाग में कार्यरत किरणकुमार बकाले ने शंकर जासक को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। निलंबन के दौरान शंकर जासक छुट्टी लेकर जलगांव आया था। उसका साला कालिंका माता स्थित स्टेट बैंक में चपरासी के पद पर कार्यरत था। उसी की मदद से उसने 1 जून 2023 को बैंक में डकैती डाली थी। इस मामले में उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। जेल में रहने के दौरान उसने एक गिरोह बनाया और इसी गिरोह के साथ मिलकर भोकर में भी डकैती डालने की बात जांच में सामने आई है।
