डॉ. रमीजुद्दीन नाइक उर्फ रमीज मलिक
उत्तर प्रदेश के लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) का पूर्व रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. रमीजुद्दीन नाइक उर्फ रमीज मलिक युवतियों को प्रेमजाल में फंसाने के लिए मुर्गे के खून से प्रेम पत्र लिखता था और उन्हें विश्वास दिलाता था कि ये पत्र उसने अपनी उंगली काटकर अपने खून से लिखे हैं। इसके बाद निजी तस्वीरों और वीडियो के जरिए युवतियों को ब्लैकमेल करता था। फिर वह युवतियों से शादी का झांसा देकर उनके साथ बलात्कार करता था। जबरन गर्भपात, धर्म परिवर्तन और फिर निकाह करवाता था।
पुलिस के अनुसार डॉ. रमीजुद्दीन नाइक उर्फ रमीज मलिक युवतियों को प्रभावित करने के लिए मुर्गे के खून से प्रेम पत्र लिखता था। वह दावा करता था कि उसने अपनी उंगली काटकर अपने खून से ये पत्र लिखे हैं। इस तरह वह युवतियों के सामने खुद को बेहद समर्पित प्रेमी के रूप में पेश करता था।
एक पीड़िता के मुताबिक, उसकी पहचान डॉ. रमीजुद्दीन नाइक से मेडिकल की पढ़ाई के दौरान हुई थी। वर्ष 2011 में दिवाली के मौके पर डॉ. रमीजुद्दीन नाइक ने पहली बार उसे फोन किया। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत और नजदीकियां बढ़ीं। दिसंबर 2012 में डॉ. रमीजुद्दीन नाइक ने उसे आगरा के साबुन कटरा इलाके में स्थित अपने फ्लैट पर डांस प्रैक्टिस के बहाने बुलाया। आरोप है कि वहां उसे नशीला पेय दिया गया और उसके साथ बलात्कार किया। घटना के बाद डॉ. रमीजुद्दीन नाइक ने संदेश भेजकर माफी मांगी और शादी करने का भरोसा दिया।
पीड़िता का आरोप है कि शादी का झांसा देकर डॉ. रमीजुद्दीन नाइक ने वर्ष 2012 से 2025 तक अलग-अलग मौकों पर उसके साथ बलात्कार किया। वर्ष 2014 में दिल्ली के एम्स में आयोजित कॉलेज फेस्टिवल के दौरान भी नशीला पदार्थ देकर उसके साथ बलात्कार किया।
पीड़िता के मुताबिक, वर्ष 2016 में गर्भवती होने पर डॉ. रमीजुद्दीन नाइक ने उससे शादी करने से इन्कार कर दिया। साथ ही आगरा के खंदारी इलाके में स्थित एक क्लीनिक से दवाएं दिलवाकर उसका गर्भपात करा दिया।
इस मामले का सबसे गंभीर पहलू निजी तस्वीरों और वीडियो के जरिए कथित ब्लैकमेलिंग का है। पीड़िता का आरोप है कि डॉ. रमीजुद्दीन नाइक ने अलग-अलग मौकों पर उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो बनाए तथा उन्हें अपने मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरणों में सुरक्षित रखा। जब पीड़िता के परिवार ने उसकी शादी के लिए रिश्ते तलाशने शुरू किए तो डॉ. रमीजुद्दीन नाइक ने उसके निजी वीडियो और तस्वीरें संभावित दूल्हों तक पहुंचा दिए। इस वजह से उसके पांच से सात शादी के रिश्ते टूट गए। ऐसा उसने प्रत्येक पीड़ित युवती के साथ किया।
पीड़िता के मुताबिक, वर्ष 2023 में डॉ. रमीजुद्दीन नाइक के कहने पर वह लखनऊ आई थी। उसी वर्ष अक्टूबर में आरोपी के माता-पिता की सलाह पर दोनों एक फ्लैट में रहने लगे। महिला का आरोप है कि वहां उसके साथ वह घरेलू नौकर की तरह व्यवहार करने लगा। उससे खाना बनाने, सफाई करने और यहां तक कि शौचालय साफ कराने लगा। विरोध करने पर गाली-गलौज और मारपीट करता था। जून-जुलाई 2025 के आसपास उसका सिर दीवार से टकराकर घायल भी किया। उसके मुताबिक, इस घटना में वह बेहोश हो गई थी।
धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का आरोप डॉ. रमीजुद्दीन नाइक के माता-पिता पर भी है। पीड़िता के अनुसार, वर्ष 2024 में होली से पहले उस पर धर्म बदलने का दबाव बनाया। जनवरी 2025 में निकाह और धार्मिक पहचान बदलने के लिए फिर दबाव बनाया।
पीड़िता का दावा है कि डॉ. रमीजुद्दीन नाइक और परिवार ने फरवरी 2025 में एक कमरे में काजी को बुलाया। उससे तीन बार ‘कबूल है’ कहलवाया। निकाह से संबंधित दस्तावेज पहले से तैयार थे और उन पर उससे तथा उसके पिता से हस्ताक्षर कराए। इसके बाद उस पर बुर्का पहनने, खानपान बदलने और नई धार्मिक पहचान अपनाने का दबाव बनाया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की और उसे मानसिक तथा शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया।
मामले में डिजिटल साक्ष्यों की जांच ने भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस ने डॉ. रमीजुद्दीन नाइक, उसके माता-पिता और निकाह के गवाह शारिक खान के खिलाफ 800 से अधिक पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें दो पीड़िताओं के बयान और आरोपी के तीन लैपटॉप से बरामद करीब चार टीबी डेटा शामिल किए जाने की जानकारी दी गई थी। रिपोर्ट में 500 से ज्यादा आपत्तिजनक वीडियो मिलने का भी दावा किया गया था।
वहीं, 4 नवंबर की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, फॉरेंसिक जांच में दो हार्ड डिस्क और मोबाइल फोन से महिलाओं की आपत्तिजनक तस्वीरें, वीडियो तथा सोशल मीडिया बातचीत की स्क्रीन रिकॉर्डिंग मिली हैं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि ये सामग्री किसने बनाई, किन लोगों के साथ साझा की गई और क्या इसके जरिए दूसरी महिलाओं को भी ब्लैकमेल किया गया था।
जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं सरकारी शोध बजट या फेलोशिप की रकम का दुरुपयोग तो नहीं हुआ।
पुलिस की कार्रवाई में आरोपी के पिता सलीमुद्दीन, मां खतीजा और निकाह के गवाह शारिक खान को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस के मुताबिक, जांच में दो महिलाओं से जुड़े यौन शोषण, गर्भपात और धर्मांतरण के आरोप सामने आए हैं।
मई 2026 में लखनऊ की अदालत ने डॉ. रमीजुद्दीन नाइक की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। अदालत में अभियोजन पक्ष ने आरोपों की गंभीरता और पीड़िता के साथ कथित घटनाओं का हवाला दिया था।
