नवी मुंबई की एक ज्वेलरी कंपनी से 10.70 करोड़ रुपये की ठगी की गई। ठगों ने कंपनी के मालिक के नाम और तस्वीर का इस्तेमाल कर एक फर्जी व्हाट्सऐप प्रोफाइल बनाया और कंपनी के एक अकाउंट्स एग्जीक्यूटिव को दो दिनों के भीतर कई बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करने के लिए राजी कर लिया।
पुलिस के अनुसार, कंपनी के म्हापे स्थित कार्यालय में कार्यरत अकाउंट्स एग्जीक्यूटिव को 14 जुलाई को एक ऐसे नंबर से व्हाट्सऐप संदेश मिला, जो देखने में कंपनी के मालिक का नंबर प्रतीत हो रहा था। संदेश भेजने वाले ने पहले उससे कंपनी के चालू खाते में मौजूद रकम का बैलेंस साझा करने को कहा और फिर तीन बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने का निर्देश दिया।
चूंकि कंपनी के मालिक नियमित रूप से फोन कॉल और व्हाट्सऐप के जरिए भुगतान संबंधी निर्देश देते थे, इसलिए अकाउंट्स एग्जीक्यूटिव ने संदेशों को वास्तविक समझ लिया और चार अलग-अलग लेनदेन में 7.70 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।
अगले दिन उसे दो और बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने के निर्देश मिले। इसके बाद उसने 3 करोड़ रुपये और ट्रांसफर कर दिए। इस तरह ठगी की कुल रकम 10.70 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
ठगी का मामला 15 जुलाई को उस समय सामने आया, जब कंपनी के मालिक और वित्त अधिकारी के साथ एक व्हाट्सऐप ग्रुप वॉयस कॉल हुई। इस दौरान मालिक ने अकाउंट्स एग्जीक्यूटिव को बताया कि उन्होंने न तो पैसे ट्रांसफर करने का कोई निर्देश दिया था और न ही इन लेनदेन को मंजूरी दी थी।
पुलिस ने बताया कि फर्जी व्हाट्सऐप अकाउंट पर कंपनी के मालिक का नाम लिखा हुआ था और प्रोफाइल फोटो के रूप में उनकी तस्वीर का इस्तेमाल किया गया था, लेकिन मोबाइल नंबर अलग था।
नवी मुंबई साइबर पुलिस ने इस धोखाधड़ी में इस्तेमाल किए गए व्हाट्सऐप नंबर के अज्ञात उपयोगकर्ता और जिन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की गई, उनके खाताधारकों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।
