27,337 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले में अनिल अंबानी के 15 ठिकानों पर CBI की छापेमारी

अनिल अंबानी

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शनिवार, 18 जुलाई 2026 को बैंक के धन को डायवर्ट करने के मामले की जांच के तहत मुंबई और दिल्ली में 15 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह मामला रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) से जुड़ा है, जो अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी (ADA) ग्रुप की कंपनियां हैं।

मुंबई में CBI मामलों के विशेष न्यायाधीश द्वारा जारी तलाशी वारंट के आधार पर यह कार्रवाई की गई। तलाशी के दौरान एजेंसी ने विभिन्न परिसरों से कई आपत्तिजनक और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए।

CBI ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान 23 ऐसी संस्थाओं को भी शामिल किया गया, जिनका कथित तौर पर रिलायंस एडीए ग्रुप से संबंध है। इन संस्थाओं पर आरोप है कि इनका इस्तेमाल RCFL और RHFL द्वारा लिए गए ऋण की राशि को ग्रुप की अन्य कंपनियों में डायवर्ट करने के लिए माध्यम के रूप में किया गया। इससे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) को कथित तौर पर भारी आर्थिक नुकसान हुआ।

तलाशी अभियान के दायरे में तीन पूर्व अधिकारियों के परिसरों को भी शामिल किया गया। इनमें RHFL के पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO), रिलायंस एडीए ग्रुप के पूर्व सचिवीय प्रमुख और RHFL के पूर्व मुख्य ट्रेजरी सलाहकार शामिल हैं।

ये तलाशी एक व्यापक जांच का हिस्सा हैं, जिसके तहत CBI ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और LIC की शिकायतों के आधार पर रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCom), RHFL, RCFL और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड (RTL) के खिलाफ सात FIR दर्ज की हैं। CBI के अनुसार, इन सात मामलों में ऋणदाताओं को कुल लगभग 27,337 करोड़ रुपये का नुकसान होने का आरोप है।

CBI ने बताया कि इससे पहले एजेंसी रिलायंस एडीए ग्रुप से जुड़े मामलों में 38 ठिकानों पर तलाशी ले चुकी है, चार आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है और सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

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