‘मनी ट्रेड क्वाइन’ क्रिप्टोकरेंसी का मास्टरमाइंड UAE में गिरफ्तार

अमित एम. लखनपाल

प्रवर्तन निदेशालय (ED) और महाराष्ट्र पुलिस द्वारा वांछित मुख्य आरोपी अमित एम. लखनपाल को 113.10 करोड़ रुपये के क्रिप्टोकरेंसी निवेश घोटाले में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ लंबित इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर यह कार्रवाई की गई।

ED अधिकारियों के अनुसार, UAE के अधिकारियों ने 1 सितंबर को भारतीय अधिकारियों को अमित लखनपाल की गिरफ्तारी की जानकारी दी। ED की जांच में सामने आया था कि अमित लखनपाल कुछ अन्य सहयोगियों के साथ भारत से फरार हो गया था। उसने कैरेबियाई देश एंटीगुआ और बारबुडा का पासपोर्ट हासिल कर लिया था। बाद में उसका पता UAE के दुबई में चला, जहां वह फर्जी पहचान के साथ रह रहा था।

ED अधिकारियों ने बताया कि अमित लखनपाल को भारत वापस लाने के लिए UAE अधिकारियों को राजनयिक माध्यमों से औपचारिक प्रत्यर्पण अनुरोध भेजने की प्रक्रिया चल रही है। भारत और UAE के बीच प्रत्यर्पण संधि वर्ष 1999 से लागू है।

ED की मनी लॉन्ड्रिंग जांच ठाणे शहर पुलिस द्वारा दर्ज मामले पर आधारित है। इस मामले में अमित लखनपाल के अलावा टी.एच. काजी, एस.वी. शेलार और के.बी. शिरसाट समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया है। ठाणे पुलिस के अनुरोध पर ही अमित लखनपाल के खिलाफ इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था।

आरोप है कि अमित लखनपाल और उसके सहयोगियों ने ‘मनी ट्रेड कॉइन’ (MTC) नाम की एक ऐसी क्रिप्टोकरेंसी बनाई, जिसे सरकार या संबंधित प्राधिकरण से मान्यता प्राप्त नहीं थी। अगस्त 2017 से अप्रैल 2018 के बीच बड़ी संख्या में लोगों को इसमें निवेश करने के लिए कथित तौर पर गुमराह किया गया। आरोपियों ने आवश्यक सरकारी या भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मंजूरी के बिना निवेश के नाम पर रकम जुटाई।

पिछले मई में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बताया था कि इंटरपोल ने अमित लखनपाल के खिलाफ ‘सिल्वर नोटिस’ भी जारी किया है। इसके जरिए इंटरपोल के सदस्य देशों के बीच वांछित अपराधियों की संपत्तियों से संबंधित अलर्ट और जानकारी साझा की जा सकती है।

इस मामले में ED की मुंबई जोनल यूनिट ने 12 अगस्त को मुंबई और ठाणे में कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान करीब 1 करोड़ रुपये नकद, आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए थे।

जब्त दस्तावेजों से पता चला कि आरोपियों ने क्रिप्टोकरेंसी के प्रचार के लिए दिल्ली, पुणे और नासिक में कई सेमिनार आयोजित किए थे। आरोप है कि इन सेमिनारों में अमित लखनपाल ने खुद को वित्त मंत्रालय का अधिकारी बताकर पेश किया, ‘MTC कॉइन’ में निवेश पर भारी रिटर्न का वादा किया और यह दावा भी किया कि केंद्र सरकार जल्द ही इस क्रिप्टोकरेंसी को मान्यता देगी।

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