हफ्ता उगाही की फर्जी FIR दर्ज करने के मामले में SrPI और PSI पर 2,000 रुपये का जुर्माना ! इट हैपेन्स ओनली इन उल्हासनगर !!

शैलेश तिवारी और स्वप्निल पाटिल

ठाणे जिले के उल्हासनगर में प्रहार जनशक्ति पार्टी के जिलाध्यक्ष एडवोकेट स्वप्निल पाटिल और राष्ट्र कल्याण पार्टी के अध्यक्ष शैलेश तिवारी के खिलाफ एक करोड़ रुपये की हफ्ता उगाही की फर्जी FIR दर्ज करने के मामले में महाराष्ट्र राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण ने हिल लाइन पुलिस स्टेशन के तात्कालिक सीनियर इंस्पेक्टर (SrPI) अनिल जगताप, सब-इंस्पेक्टर (PSI) बालासाहेब गव्हाणे और अन्य पुलिसकर्मियों पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।

महाराष्ट्र राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण ने यह कार्रवाई बुधवार, 4 नवंबर 2026 को की। प्राधिकरण ने पुलिस प्रशासन को कड़ी फटकार भी लगाई है। सुनवाई के दिन अनुपस्थित रहने और मामले की गंभीरता को लेकर पर्याप्त संजीदगी नहीं दिखाने पर संबंधित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों में से प्रत्येक पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।

बिल्डर, UMC कॉन्ट्रैक्टर और TDR माफिया के नाम से बदनाम राजा गेमनानी ने SrPI अनिल जगताप और PSI बालासाहेब गव्हाणे को ‘सेट’ कर दिसंबर 2024 में हिललाइन पुलिस स्टेशन में एडवोकेट स्वप्निल पाटिल, शैलेश तिवारी और अन्य के खिलाफ एक करोड़ रुपये हफ्ता मांगने की FIR दर्ज कराई थी। राजा गेमनानी ने मुंबई पुलिस के इंस्पेक्टर प्रदीप शर्मा, दया नायक और सचिन वझे जैसा ‘गेम’ खेला था। इसके लिए उसने 5 लाख रुपये एडवांस देने का बाकायदा CCTV फुटेज प्रूफ भी दिया था। लेकिन सब उल्टा पड़ गया। स्वप्निल पाटिल और शैलेश तिवारी के आक्रामक रवैये की वजह से पुलिस के आला अधिकारी ने मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी। क्राइम ब्रांच ने इसे फर्जी FIR पाया और क्लोज़र रिपोर्ट की अनुशंसा कर दी। क्राइम ब्रांच ने अपनी रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया कि TDR घोटाले का खुलासा करने की रंजिश के चलते स्वप्निल पाटिल और शैलेश तिवारी के खिलाफ SrPI अनिल जगताप और PSI बालासाहेब गव्हाणे ने फर्जी FIR दर्ज की। इसके बाद हिल लाइन पुलिस ने भी मामले में बी-फाइनल रिपोर्ट दाखिल कर दी।

एडवोकेट स्वप्निल पाटिल को इतने से भी संतोष नहीं हुआ। एक्सटॉरशन जैसी गंभीर फर्जी FIR दर्ज करने के दोषी SrPI अनिल जगताप, PSI बालासाहेब गव्हाणे और अन्य पुलिस वालों की भूमिका की जांच करने की मांग को लेकर एडवोकेट स्वप्निल पाटिल ने महाराष्ट्र राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण में शिकायत दर्ज कर दी।

मामले की सुनवाई के दौरान SrPI अनिल जगताप, PSI बालासाहेब गव्हाणे समेत सभी पुलिसवाले अनुपस्थित रहे। मामले की गंभीरता को लेकर अपेक्षित संजीदगी नहीं दिखाने पर प्राधिकरण ने प्रत्येक पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगा दिया।

इस मामले की अगली सुनवाई 22 दिसंबर 2026 को होगी।

फर्जी FIR दर्ज कराने का उल्हासनगर में ‘फैशन’ है। FIR अथवा NC दर्ज कराने के लिए उल्हासनगर के उल्हासनगर-1 पुलिस स्टेशन, सेंट्रल पुलिस स्टेशन, विट्ठलवाड़ी पुलिस स्टेशन और हिललाइन पुलिस स्टेशन में कई-कई दलाल ‘नियुक्त’ हैं। उल्हासनगर पुलिस NC दर्ज करने का 500 रुपये चार्ज करती है। फर्जी FIR दर्ज करने का रेट 5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये है। कुछ फर्जी FIR में से DCP और ACP को भी ‘कट’ जाता है। उस समय चर्चा थी कि SrPI अनिल जगताप ने राजा गेमनानी से 20 लाख रुपये ‘चार्ज’ किया था। इसीलिए तो ABI (abinewz.com) हमेशा लिखता है- इट हैपेन्स ओनली इन उल्हासनगर।

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