महाराष्ट्र के अमरावती जिले में 24 हजार रुपये प्रति किलो की दर से बेची जा रही सोने की परत चढ़ी मिठाई को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतों के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने अपनी टीम को मिठाई के नमूने लेने के निर्देश दिए हैं। तुकाराम मुंढे ने स्पष्ट किया कि सोना एक सुरक्षित और खाने योग्य खनिज है, लेकिन असली चिंता त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों को लेकर किए जाने वाले भ्रामक दावों की है।
उन्होंने चांदी के वर्क (वरक) में मिलावट से जुड़े सुरक्षा जोखिमों पर भी चिंता जताई। तुकाराम मुंढे के मुताबिक, असली चांदी का वर्क उंगलियों के बीच रगड़ने पर गायब हो जाता है, जबकि नकली एल्युमिनियम फॉयल रगड़ने पर सिकुड़कर मुड़ जाता है। मिलावट के अलावा FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने लोगों को मिठाइयों को दो दिनों से ज्यादा समय तक स्टोर करके रखने से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि दो दिन के बाद मिठाइयों की गुणवत्ता और सुरक्षा तेजी से प्रभावित होने लगती है।
हाल ही में भांडुप में एक शादी समारोह के दौरान बड़े पैमाने पर फूड पॉइजनिंग की घटना सामने आई थी। इसमें नवविवाहित जोड़े समेत बड़ी संख्या में मेहमानों की तबीयत बिगड़ गई थी। इस मामले में FDA ने दो कैटरर्स के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। इनमें मिठाई की आपूर्ति करने वाला कैटरर भी शामिल है।
तुकाराम मुंढे ने लोगों से अपील की कि बड़े आयोजनों के लिए केवल पंजीकृत कैटरर्स की ही सेवाएं लें और इसकी सूचना पहले से FDA को दें।
उन्होंने कहा कि पहले से सूचना मिलने पर अधिकारियों को खाद्य पदार्थों की तैयारी और उनकी गुणवत्ता पर प्रभावी ढंग से नजर रखने में मदद मिलती है। इससे भविष्य में फूड पॉइजनिंग जैसी घटनाओं को रोकने और त्योहारों के दौरान सार्वजनिक स्वास्थ्य मानकों को बनाए रखने में मदद मिलेगी।
