उद्धव ठाकरे के छह सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद अब चर्चा है कि एकनाथ शिंदे की शिवसेना की नजर ठाकरे गुट के विधायकों पर भी है। इसी वजह से राज्य में ‘ऑपरेशन टाइगर’ के तीसरे चरण की शुरुआत होने की अटकलें तेज हो गई हैं। इन चर्चाओं को और बल तब मिला, जब सांसद श्रीकांत शिंदे समेत शिवसेना के कई सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। पिछले कुछ दिनों में शिवसेना सांसदों की अमित शाह से यह दूसरी मुलाकात है।
श्रीकांत शिंदे, नरेश म्हस्के, नागेश पाटिल आष्टिकार, संजय पाटिल तथा महाराष्ट्र विधान परिषद के नवनियुक्त उपसभापति सचिन अहीर ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। ठाकरे गुट के छह सांसदों के अलग होने के बाद यह दूसरी बैठक मानी जा रही है।
एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना लगातार संगठन विस्तार में जुटी हुई है। ऐसे में सांसदों की अमित शाह से मुलाकात के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या महाराष्ट्र में एक बार फिर ‘ऑपरेशन टाइगर’ शुरू होने वाला है।
गौरतलब है कि एकनाथ शिंदे के विद्रोह के बाद पहली बार शिवसेना में बड़ी टूट हुई थी। इसके बाद जून महीने में ठाकरे गुट के छह सांसद—संजय पाटिल, संजय जाधव, नागेश पाटिल, संजय देशमुख, भाऊसाहेब वाकचौरे और ओमराजे निंबालकर—अलग हो गए। इन सांसदों ने पहले एक अलग संसदीय समूह बनाया, जिसे लोकसभा अध्यक्ष ने मान्यता दी। बाद में यह पूरा समूह एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गया।
अब सांसदों के बाद ठाकरे गुट के विधायकों के भी पार्टी छोड़ने की चर्चाएं तेज हैं। ठाकरे गुट के कुल 20 विधायक हैं और राजनीतिक गलियारों में लगातार यह चर्चा चल रही है कि इनमें से कई विधायक एकनाथ शिंदे के संपर्क में हैं।
