प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय ने साइप्रस स्थित कथित अवैध ऑनलाइन सट्टा प्लेटफॉर्म ‘परिमैच’ से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत 2 सितंबर 2026 को महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली, गुजरात और उत्तर प्रदेश में 17 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया।
ED के अनुसार, यह जांच मुंबई के साइबर पुलिस थाने में परिमैच डॉट कॉम के खिलाफ ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपयोगकर्ताओं को ठगने के आरोप में दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुई थी। जांच में सामने आया कि इस प्लेटफॉर्म ने उपयोगकर्ताओं को अधिक रिटर्न का लालच देकर एक वर्ष में 3,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अर्जित की।
ED के मुताबिक, रकम की लेयरिंग के लिए कैश मैनेजमेंट सिस्टम (CMS) और डोमेस्टिक मनी ट्रांसफर (DMT) एजेंटों का इस्तेमाल किया गया। मर्चेंट/म्यूल खातों में आई रकम को CMS/DMT से जुड़े खातों में ट्रांसफर किया गया, जहां बैंकिंग चैनल के जरिए नकदी निकालने के साथ-साथ सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़े लोगों को नकद उपलब्ध कराया गया।
इसके बाद इस नकदी को हवाला/क्रिप्टो ऑपरेटरों के जरिए USDT में बदला गया और ऑफशोर परिमैच नेटवर्क के निर्देश पर क्रिप्टो वॉलेट में ट्रांसफर किया गया। ED ने बताया कि इस नेटवर्क के जरिए कम से कम 200 करोड़ रुपये के लेन-देन को ट्रेस किया गया।
जांच में एक समानांतर तंत्र का भी पता चला, जिसमें दिखावटी विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (ODI) लेन-देन और सेवाओं के फर्जी आयात के जरिए सट्टेबाजी से प्राप्त रकम को तैयार कर विदेश भेजे जाने का आरोप है।
इस माध्यम से करीब 500 करोड़ रुपये की राशि रूट की गई। इन धन प्रेषणों को ODI के लिए दिखावटी मूल्यांकन रिपोर्ट और काल्पनिक फॉर्म 15CA/15CB दस्तावेजों का सहारा दिया गया था, जबकि अंतर्निहित लेन-देन में वास्तविक व्यावसायिक आधार का अभाव पाया गया।
ED की जांच में म्यूल और मर्चेंट खातों, CMS और DMT एजेंटों, दूर एवं डिजिटल ऑपरेटरों, घरेलू संस्थाओं, ऑफशोर निवेश संरचनाओं, हवाला ऑपरेटरों और क्रिप्टो माध्यमों का एक जटिल नेटवर्क सामने आया है। ED के अनुसार, इस नेटवर्क का कथित इस्तेमाल अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी से अर्जित रकम को तैयार करने, छिपाने और स्थानांतरित करने के लिए किया गया।
तलाशी के दौरान ED ने करीब 2.11 करोड़ रुपये मूल्य की चल संपत्तियां जब्त कीं। इनमें लगभग 61 लाख रुपये नकद, 1 किलोग्राम की सोने की बार, आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण शामिल हैं। इसके अलावा लगभग 37 करोड़ रुपये की बैंक शेषराशि फ्रीज की गई है।
ED के अनुसार, इस मामले में अब तक करीब 150 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां फ्रीज/जब्त की जा चुकी हैं।
