ऋतु तावड़े
मुंबई की सेशंस कोर्ट ने सोमवार को मेयर ऋतु तावड़े और छह अन्य लोगों के खिलाफ आरोप तय कर दिए। इन सभी पर 2016 में सांताक्रूज के वाकोला स्थित नगर निगम संचालित उर्दू माध्यम के एक स्कूल के प्रबंधन और शिक्षकों के साथ मारपीट करने का आरोप है। यह विवाद कैंसर से पीड़ित एक शिक्षिका के तबादले को लेकर हुआ था।
अदालत ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए हैं। इनमें सरकारी कर्मचारियों को उनके कर्तव्यों के निर्वहन से रोकने के लिए उन पर हमला करना या आपराधिक बल का इस्तेमाल करना, सरकारी कर्मचारियों को जानबूझकर चोट पहुंचाना, गैरकानूनी जमावड़ा और दंगा करने जैसे आरोप शामिल हैं। अदालत ने गैरकानूनी जमावड़े के प्रत्येक सदस्य को उसके साझा उद्देश्य की पूर्ति के लिए किए गए अपराधों का जिम्मेदार ठहराने वाली धारा भी लगाई है।
यह मामला 29 जुलाई 2016 का है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, ऋतु तावड़े छह अन्य लोगों के साथ स्कूल परिसर में पहुंची थीं और शिक्षिका के तबादले को लेकर प्रबंधन से उनका विवाद हुआ था। आरोप है कि इस दौरान ऋतु तावड़े और अन्य आरोपियों ने प्रबंधन के सदस्यों के साथ गाली-गलौज की और दो शिक्षकों के साथ मारपीट की। इस घटना के संबंध में 11 अगस्त 2016 को FIR दर्ज की गई थी।
इससे पहले ऋतु तावड़े ने कई बार व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने से छूट मांगी थी। इस पर अदालत ने अलग-अलग मौकों पर उन पर 300 और 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया था। अदालत ने बार-बार अनुपस्थित रहने पर उन्हें चेतावनी भी दी थी और आरोप तय किए जाने के दौरान व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया था।
अब आरोप तय होने के साथ ही मामले में मुकदमे की सुनवाई शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष को आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित करना होगा। वहीं, ऋतु तावड़े और अन्य आरोपियों को अपने बचाव में पक्ष रखने और अभियोजन पक्ष के गवाहों से जिरह करने का अवसर मिलेगा।
