मुंबई की मरीन ड्राइव पुलिस ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का विशेष कार्य अधिकारी (OSD) बनकर एक सिविल ठेकेदार से 3.25 करोड़ रुपये की उगाही करने के आरोप में 40 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान औरंगाबाद निवासी आसिफ इस्माइल पठान के रूप में हुई है। उसने लोक निर्माण विभाग (PWD) के करीब 50 करोड़ रुपये के लंबित बिल पास कराने का झांसा देकर ठेकेदार से यह रकम वसूली थी।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी खुद को मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से जुड़ा वरिष्ठ अधिकारी बताता था। उसने ठेकेदार को भरोसा दिलाया था कि वह लोक निर्माण विभाग में अटके उसकी कंपनी के बिलों को पास कराने में मदद कर सकता है। आसिफ इस्माइल पठान ने शिकायतकर्ता से 3.25 करोड़ रुपये लेने के बाद भी पैसों की मांग जारी रखी। उसने 75 लाख रुपये और मांगे। साथ ही धमकी दी कि यदि ठेकेदार ने उसकी मांग पूरी नहीं की तो पहले दिए गए पैसे भी डूब जाएंगे और लंबित बिल भी पास नहीं होंगे। इसके बाद शिकायतकर्ता अकोला स्थित ओबेरॉय कंस्ट्रक्शन के संचालक रणजीत सिंह ओबेरॉय ने पुलिस से संपर्क कर आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के मुताबिक, आसिफ इस्माइल पठान ने खुद को मंत्रालय का वरिष्ठ अधिकारी बताते हुए रणजीत सिंह ओबेरॉय को भरोसा दिलाया था कि वह उनकी कंपनी के लोक निर्माण विभाग में लंबित बिलों को पास करा सकता है। आसिफ इस्माइल पठान ने ठेकेदार की मुलाकात एक अन्य व्यक्ति से भी कराई थी। उस व्यक्ति ने दावा किया था कि उसके पास लंबित भुगतानों को मंजूरी दिलाने का अधिकार है।
आसिफ इस्माइल पठान के आश्वासन पर भरोसा करते हुए रणजीत सिंह ओबेरॉय ने 1.5 करोड़ रुपये की व्यवस्था की। इसके बाद वह 10 सितंबर को मुंबई आए और आरोपी के एक सहयोगी को यह रकम सौंप दी। शिकायत में आगे आरोप लगाया गया है कि 15 सितंबर को आसिफ इस्माइल पठान ने उनसे 2 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मांग की।
रणजीत सिंह ओबेरॉय की शिकायत के बाद मरीन ड्राइव पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत आसिफ इस्माइल पठान के खिलाफ मामला दर्ज किया। गिरफ्तारी के बाद आसिफ इस्माइल पठान को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 6 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। रिमांड की सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए आगे की जांच जरूरी है।
