दिल्ली पुलिस के DCP का फर्जी AI वीडियो कांग्रेस नेता ने किया पोस्ट, मुंबई में FIR दर्ज

कांग्रेस नेता भाई जगताप और DCP सुमित झा

महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने दिल्ली पुलिस के एक उपायुक्त (DCP) का कथित डीपफेक (AI से तैयार किया गया फर्जी) वीडियो वायरल करने के मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। इस वीडियो के साथ कैप्शन लिखा गया था— “मैं सेवा से इस्तीफा दे रहा हूँ।”

सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो को कांग्रेस के कई नेताओं और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थकों ने साझा किया था। वीडियो में दिल्ली पुलिस के DCP सुमित झा यह कहते हुए दिखाई देते हैं कि वह इस्तीफा दे रहे हैं क्योंकि सरकार ने उन्हें हाल ही में CJP के नेतृत्व में हुए छात्र आंदोलन में शामिल छात्रों को झूठे मामलों में फंसाने के लिए कहा था।

साइबर पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, “अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353 (सार्वजनिक उपद्रव उत्पन्न करने वाले बयान) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66D (प्रतिरूपण के जरिए धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।”

इस मामले के शिकायतकर्ता निखिल भांबरे हैं, जो दिल्ली सरकार बनाने वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सोशल मीडिया टीम से जुड़े हैं। 31 जुलाई को निखिल भांबरे ने कांग्रेस नेता भाई जगताप की एक पोस्ट देखी, जिसमें उन्होंने DCP सुमित झा का यह वीडियो साझा किया था।

वीडियो में DCP सुमित झा तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देने की बात कहते दिखाई देते हैं। वह दावा करते हैं कि सरकार उनसे मीडिया के सामने जाकर प्रदर्शनकारी छात्रों के बारे में झूठ बोलने की अपेक्षा कर रही थी।

वीडियो में अधिकारी कहते हैं- मुझे छात्रों को दोषी साबित करने के निर्देश दिए गए थे। मैं ऐसी किसी व्यवस्था का हिस्सा नहीं बन सकता जो मुझे सच बोलने से रोके और झूठे आरोप लगाने के लिए मजबूर करे। ये छात्र आतंकवादी नहीं हैं, बल्कि हमारे देश का भविष्य हैं। मैं पुलिस बल में सत्य का साथ देने के लिए शामिल हुआ था, झूठ फैलाने के लिए नहीं। सरकार जो करने की कोशिश कर रही है, उसका मैं हिस्सा नहीं बन सकता। आज से मैं सरकार के साथ नहीं, बल्कि इन छात्रों के साथ खड़ा हूँ।

बाद में पुष्टि हुई कि यह वीडियो डीपफेक था। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) ने बयान जारी कर स्पष्ट किया कि यह वीडियो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से तैयार किया गया था।

साइबर पुलिस अधिकारी ने बताया- मूल वीडियो में DCP सुमित झा पाकिस्तान से संचालित सोशल मीडिया हैंडल्स द्वारा छात्र विरोध प्रदर्शनों के दौरान अस्थिरता फैलाने की कोशिशों के बारे में जानकारी दे रहे थे।

FIR के अनुसार बिना किसी सत्यापन के इस फर्जी वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा कर आम जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास किया गया, जिसके चलते यह मामला दर्ज किया गया है।

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