पर्यूषण में टिफिन में मेथी की सब्जी पर स्कूल ने छात्र पर लगाया 50 रुपये का जुर्माना

 

महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मीरा-भायंदर में पर्यूषण के दौरान टिफिन में मेथी की सब्जी लाना एक छात्र को भारी पड़ गया। आरोप है कि तपोवन विद्यालय ने छात्र से दूसरी सब्जी लेने के लिए 50 रुपये वसूल लिए। मामला सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया और मीरा-भाईंदर महानगरपालिका के शिक्षा विभाग ने स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया।

शिकायत के मुताबिक, स्कूल में विद्यार्थियों को कुछ खाद्य पदार्थ टिफिन में नहीं लाने के निर्देश दिए गए हैं। इसी दौरान एक छात्र के डिब्बे में मेथी की सब्जी मिलने पर उसे स्कूल की कैंटीन से दूसरी सब्जी लेने के लिए कहा गया और इसके लिए 50 रुपये लिए गए।

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के पदाधिकारी रॉबर्ट डिसूजा ने इस मामले की शिकायत महानगरपालिका के शिक्षा विभाग से की। उनका आरोप है कि स्कूल में प्रवेश के समय अभिभावकों को मांसाहारी भोजन और कंद-मूल वाली सब्जियां टिफिन में नहीं लाने के निर्देश दिए जाते हैं।

शिकायत का संज्ञान लेते हुए शिक्षा अधिकारी सुलभा वटारे ने 18 सितंबर को स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी किया। नोटिस में कहा गया है कि विद्यार्थियों के खान-पान पर इस तरह के प्रतिबंध लगाने और किसी खाद्य पदार्थ के लिए छात्र से दंड या शुल्क वसूलने का मामला गंभीर है। शिक्षा विभाग ने RTE कानून के प्रावधानों का भी हवाला देते हुए स्कूल से स्पष्टीकरण मांगा है।

स्कूल की ओर से अभिभावकों को दिए गए पत्र में कहा गया है कि स्कूल में मेथी की सब्जी लाने की अनुमति नहीं होने के कारण छात्र को कैंटीन से दूसरी सब्जी दिलाने के लिए 50 रुपये लिए गए थे।

मीरा रोड के एक अन्य स्कूल में भी पर्युषण के दौरान टिफिन में प्याज, लहसुन और कुछ अन्य खाद्य पदार्थ नहीं लाने के निर्देश को लेकर विवाद हुआ था। शिक्षा विभाग की नोटिस के बाद संबंधित स्कूल को अपना परिपत्र वापस लेना पड़ा था।

पर्यूषण पर्व

पर्यूषण पर्व, जैन समाज का एक महत्वपूर्ण पर्व है। जैन धर्मावलंबी भाद्रपद मास में पर्यूषण पर्व मनाते हैं। ये पर्यूषण पर्व 10 दिन चलते हैं। 12 वें दिन जैन धर्म के लोगों का महत्वपूर्ण त्यौहार संवत्सरी पर्व मनाया जाता है। इस दिन यथा शक्ति उपवास रखा जाता है। पर्यूषण पर्व की समाप्ति पर संवत्सरी (क्षमायाचना) पर्व मनाया जाता है। इन 10 दिनों में श्रावक अपनी शक्ति अनुसार व्रत-उपवास आदि करते है। ज्यादा से ज्यादा समय भगवन की पूजा-अर्चना में व्यतीत करते हैं। जैन ग्रन्थ, कल्पसूत्र (जैन) का इन 10 दिनों मे वाचन करते हैं। इन 10 दिन में सुबह एवं शाम को प्रतिक्रमण करते हुए पूरे साल में किये गए पाप और कटु वचन से किसी के दिल को जानते और अनजाने ठेस पहुंची हो तो क्षमा याचना करते हैं। एक-दूसरे को क्षमा करते हैं और एक दूसरे से क्षमा माँगते हैं और हाथ जोड़कर गले मिलकर मिच्छामी दूक्कडम करते हैं।

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