TMC वैज्ञानिक के साथ ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर ठगी

 

शेयर बाजार में मोटे मुनाफे का सपना दिखाकर टाटा मेमोरियल सेंटर (TMC) के 38 वर्षीय वैज्ञानिक सहायक को ऑनलाइन ट्रेडिंग फ्रॉड में फंसा लिया गया। आरोपियों ने पहले उन्हें टेलीग्राम और व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा, फिर फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर निवेश कराया। करीब 10 लाख रुपये निवेश करने के बाद उनके खाते में कथित तौर पर 47.32 लाख रुपये का मुनाफा दिखाया गया, लेकिन रकम निकालने से पहले 7.84 लाख रुपये और जमा करने को कहा गया। शक होने पर पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की।

FIR के मुताबिक, शिकायतकर्ता संतोष कृष्ण तांबे ट्रॉम्बे के पाइलापाड़ा स्थित TMC स्टाफ क्वार्टर में रहते हैं। 1 जून को वह टेलीग्राम पर एक शेयर बाजार ट्रेडिंग ग्रुप से जुड़े थे। आरोप है कि इसी ग्रुप के जरिए आरोपियों ने उनका मोबाइल नंबर हासिल किया और उन्हें “ANTARA INDIA EVERGREEN” नाम के व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया।

ग्रुप में लगातार ऐसे शेयरों की जानकारी साझा की जाती थी, जिनसे भारी मुनाफा होने का दावा किया जाता था। कुछ सुझाए गए शेयरों के भाव बढ़ने के बाद संतोष तांबे को कथित तौर पर भरोसा हो गया कि ग्रुप के सदस्य सही शेयर बाजार सलाह दे रहे हैं। इसके बाद उन्होंने Groww ऐप के जरिए शेयरों में ट्रेडिंग शुरू कर दी।

कुछ दिनों बाद आरोपियों ने antaraindia.com नाम की वेबसाइट का लिंक भेजा। दावा किया गया कि इस वेबसाइट के जरिए सदस्य एक विशेष योजना में हिस्सा लेकर इनाम जीत सकते हैं। संतोष तांबे ने लिंक खोलकर अपनी जानकारी दर्ज की और लॉगिन किया। वेबसाइट पर ऐसे शेयर दिखाए गए, जिनमें भारी रिटर्न मिलने का दावा था।

FIR के अनुसार आरोपियों ने शेयर बाजार बंद होने के बाद शेयर आवंटित करने और अगली सुबह उन्हें बेचने का तरीका बताया। प्लेटफॉर्म पर एक दिन और 10 दिन की ट्रेडिंग समेत अलग-अलग प्लान भी पेश किए गए। 15 अगस्त को ANTARA ग्रुप से जुड़े एक ट्रेडर ने Arattai ऐप पर “AH103 Antara Rapid Profit Plan Group” नाम से एक और ग्रुप बनाया। संतोष तांबे को बताया गया कि 10 लाख रुपये जमा करने पर उन्हें ज्यादा शेयर आवंटित किए जाएंगे। इसके संतोष बाद तांबे ने अलग-अलग तारीखों में करीब 10 लाख रुपये निवेश कर दिए। कुछ समय बाद ANTARA वेबसाइट पर उनके खाते में 47.32 लाख रुपये का बैलेंस दिखाई देने लगा। लेकिन साथ ही 7.84 लाख रुपये की बकाया रकम भी दिखाई गई।

जब संतोष तांबे ने इस बकाया रकम को लेकर सवाल किया तो उन्हें बताया गया कि 47.32 लाख रुपये की दिखाई जा रही रकम निकालने से पहले 7.84 लाख रुपये का भुगतान करना होगा। संतोष तांबे ने आरोपियों से कहा कि उनके शेयर बेचकर उसी रकम में से 7.84 लाख रुपये काट लिए जाएं और बाकी पैसा उन्हें वापस कर दिया जाए। आरोप है कि आरोपियों ने यह मांग भी ठुकरा दी। इसके बाद संतोष तांबे को समझ आया कि वह ऑनलाइन ट्रेडिंग फ्रॉड का शिकार हो चुके हैं।

20 सितंबर को संतोष तांबे ने BKC स्थित साइबर पुलिस स्टेशन में साइबर क्राइम हेल्पलाइन के जरिए शिकायत दर्ज कराई। बाद में उन्होंने ट्रॉम्बे पुलिस स्टेशन में भी शिकायत की। ट्रॉम्बे पुलिस ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(D) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज किया है। पुलिस अब ट्रेडिंग ग्रुप, वेबसाइट और इसके पीछे शामिल लोगों की जांच कर रही है।

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