प्रवर्तन निदेशालय (ED) की मुंबई जोनल यूनिट ने आर्मस्ट्रॉन्ग एक्सचेंज प्राइवेट लिमिटेड के मालिक सागर दाश को मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया है। यह मामला ऑल पैनल एक्सचेंज (APX) के जरिए संचालित ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के अवैध कारोबार तथा इससे जुड़े साइबर घोटालों से संबंधित है।
ED का आरोप है कि आर्मस्ट्रॉन्ग एक्सचेंज का इस्तेमाल अवैध गेमिंग और सट्टेबाजी से अर्जित अपराध की कमाई को सफेद करने के लिए किया गया। इस पूरे नेटवर्क के जरिए सैकड़ों करोड़ रुपये सहकारी बैंकों के खातों और फर्जी कंपनियों के माध्यम से इधर-उधर किए जाने का आरोप है।
ED ने ऑनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी और साइबर धोखाधड़ी से जुड़े तीन मामलों में दर्ज FIR के आधार पर जांच शुरू की थी। इन मामलों में शिकायतकर्ताओं को करोड़ों रुपये का नुकसान होने का आरोप है।
ED के मुताबिक, सबसे पहले इस रकम को हैदराबाद स्थित जुबली हिल्स मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक में खोले गए कई म्यूल खातों (दूसरों के नाम पर इस्तेमाल किए जाने वाले बैंक खाते) में जमा किया गया। इसके बाद यह रकम विभिन्न फर्जी कंपनियों के खातों में ट्रांसफर की गई। लेन-देन की आगे की जांच में पता चला कि इन कंपनियों के खातों से बड़ी रकम बेंगलुरु स्थित नगरभावी क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी में आर्मस्ट्रॉन्ग एक्सचेंज प्राइवेट लिमिटेड के नाम से संचालित नोडल खाते में ट्रांसफर की गई थी। ED के अनुसार, इस कंपनी की स्थापना सागर दाश ने की थी।
ED का आरोप है कि सागर दाश ने नगरभावी क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी के KYC दस्तावेजों का इस्तेमाल कर जाली दस्तावेजों के जरिए क्रिप्टोकरेंसी खाता खुलवाया था। सहकारी सोसाइटी के बैंक खाते के माध्यम से सैकड़ों करोड़ रुपये का लेन-देन किया गया। इसमें से बड़ी रकम सीधे तौर पर अवैध गेमिंग और सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म तथा साइबर धोखाधड़ी से अर्जित अपराध की कमाई से जुड़ी हुई थी।
जांच के तहत ED इससे पहले पुणे, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, सूरत और गुजरात के मेहसाणा में कई ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है। इस दौरान संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए गए और विभिन्न बैंक खातों में जमा करीब 9 करोड़ रुपये की रकम फ्रीज की गई।
इसी मामले में ED ने एडसम फिनटेक प्राइवेट लिमिटेड के CEO राम यू रामधानी को भी गिरफ्तार किया है।
