महिला के शरीर पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ पर केस

 

“बासी खाना” पर कैंटीन कर्मचारी को मुक्का मारने और ऐतिहासिक किताब के शीर्षक को लेकर प्रकाशक को धमकाने के बाद शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। इस बार उन पर एक महिला के शरीर को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा है।

ताजा विवाद चिखली विधानसभा क्षेत्र की BJP विधायक श्वेता महाले पाटिल (42) की पुलिस शिकायत के बाद सामने आया। बताया गया है कि श्वेता महाले की टिप्पणी “बाप तो बाप रहेगा” के जवाब में संजय गायकवाड़ ने महिला के पिता होने और पुरुष शरीर होने से जुड़ी अश्लील टिप्पणी की। सोशल मीडिया पर उनकी इस टिप्पणी की कड़ी आलोचना हो रही है और इसे अश्लील तथा महिला-विरोधी बताया जा रहा है।

बुलढ़ाणा पुलिस ने संजय गायकवाड़ के खिलाफ गैर-संज्ञेय अपराध (NC) दर्ज किया है। हालांकि, अभी FIR दर्ज नहीं की गई है।

यह विवाद श्वेता महाले और संजय गायकवाड़ के बीच चल रही राजनीतिक तकरार के बीच सामने आया है। दोनों के बीच विवाद की शुरुआत मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष कार्य अधिकारी (OSD) और श्वेता महाले के पति विद्याधर महाले के जन्मदिन समारोह के दौरान हुई थी।

इसके बाद 7 सितंबर को श्वेता महाले की “बाप” वाली टिप्पणी का जवाब देते हुए संजय गायकवाड़ ने ऐसी टिप्पणी की, जिसने अब पुलिस शिकायत को जन्म दिया है। उनके बयान को आलोचकों ने अश्लील और महिला-विरोधी करार दिया है।

यह मामला पिछले एक साल में संजय गायकवाड़ से जुड़ा तीसरा बड़ा विवाद है। जुलाई 2025: बासी खाना परोसे जाने के आरोप को लेकर उन्होंने कथित तौर पर विधायक कैंटीन के एक कर्मचारी के साथ मारपीट की थी। पुलिस ने तब भी NC दर्ज किया था, लेकिन FIR नहीं की गई थी। अप्रैल 2026: कोल्हापुर के प्रकाशक प्रशांत अंबी के साथ गाली-गलौज करने का मामला सामने आया था। विवाद दिवंगत कम्युनिस्ट नेता गोविंद पानसरे की दशकों पुरानी किताब Who Was Shivaji? के प्रकाशन को लेकर था। संजय गायकवाड़ ने किताब के शीर्षक पर आपत्ति जताते हुए सवाल उठाया था कि शिवाजी महाराज के नाम के साथ “छत्रपति” शब्द का इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया।

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