मुंबई में इस मानसून मलेरिया के मामलों में 144 फीसदी और H1N1 (स्वाइन फ्लू) के मामलों में 709 फीसदी की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं डेंगू के मामलों में मामूली गिरावट आई है। यह जानकारी बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के आंकड़ों से सामने आई है।
पिछले मानसून (जून से सितंबर) के दौरान मुंबई में मलेरिया के 5,144 मामले सामने आए थे, जबकि इस साल यह आंकड़ा बढ़कर 7,422 हो गया। इसी तरह, पिछले साल H1N1 के 71 मामले दर्ज हुए थे, जो इस साल बढ़कर 504 हो गए।
डेंगू के मामलों में मामूली कमी दर्ज की गई है। इस साल 2,941 मामले सामने आए, जबकि पिछले मानसून में 3,356 मामले दर्ज किए गए थे। वहीं कोविड का संक्रमण भी शहर में बना हुआ है और इस मानसून अब तक 165 मामले सामने आए हैं।
हालांकि मानसून खत्म होने की ओर है, डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि मानसून से जुड़ी बीमारियों का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है।
BMC के मुताबिक संक्रामक बीमारियों की निगरानी के तहत पूरे शहर में 11.22 लाख घरों में रहने वाली 52.51 लाख आबादी का सर्वे किया गया।
इस दौरान BMC ने 63,837 रक्त नमूने एकत्र किए और 342 स्वास्थ्य शिविर लगाए। 10.44 लाख जगहों का निरीक्षण करने के बाद मच्छरों के प्रजनन के 6,310 स्थानों की पहचान की गई। इसके अलावा 45,266 इमारतों और झुग्गी बस्तियों के 6.98 लाख घरों में फॉगिंग की गई। मच्छरों और अन्य बीमारियों के प्रसार को रोकने के अभियान के तहत 5,903 चूहों को भी मारा गया।
