वर्ष 1993 में मुंबई शहर में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के मास्टरमाइंड और 257 लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार भगोड़े गैंगस्टर टाइगर मेमन के परिवार की तीन संपत्तियों की अगले सप्ताह केंद्र सरकार द्वारा नीलामी की जाएगी। नीलामी के लिए रखी गई तीन संपत्तियों में से दो माहिम में और तीसरी बांद्रा में स्थित है।
इन संपत्तियों की नीलामी स्मगलर्स एंड फॉरेन एक्सचेंज मैनिपुलेटर्स (फॉरफीचर ऑफ प्रॉपर्टी) एक्ट (SAFEMA), 1976 की धारा 7 के तहत की जाएगी। यह कानून केंद्र सरकार के सक्षम प्राधिकारी को संपत्तियों को अवैध घोषित कर उनकी नीलामी करने का अधिकार देता है।
माहिम की दो संपत्तियों में से एक अल-हुसैनी सोसाइटी की पांचवीं मंजिल पर स्थित 751 वर्ग फुट का फ्लैट है, जहां मेमन परिवार रहता था। इसके साथ हजरत मखदूम शाह बाबा दरगाह के पास एक गैरेज भी है। फ्लैट और गैरेज की संयुक्त आरक्षित कीमत 1.90 करोड़ रुपये रखी गई है।
माहिम की दूसरी संपत्ति शीतलादेवी मंदिर के पास 560 वर्ग फुट की एक दुकान है, जिसे सिलसिलेवार बम धमाकों के बाद जब्त कर लिया गया था और यह कई वर्षों से बंद है। यह संपत्ति टाइगर मेमन की इलेक्ट्रॉनिक दुकान के रूप में इस्तेमाल होती थी। इसकी आरक्षित कीमत 2.05 करोड़ रुपये रखी गई है। इलाके के लोगों ने बताया कि संभावित खरीदारों और अधिकारियों ने गुरुवार को दुकान का निरीक्षण किया।
फ्लैट और दुकान की आरक्षित कीमत में हाउसिंग सोसाइटी का बकाया और संपत्ति कर जैसे अन्य लंबित भुगतान शामिल नहीं हैं। अल-हुसैनी सोसाइटी के फ्लैट पर इस साल जनवरी तक 19.47 लाख रुपये बकाया थे, जबकि सम्राट सोसाइटी की दुकान पर मार्च तक 37.06 लाख रुपये बकाया थे।
नीलामी के लिए रखी गई तीसरी संपत्ति बांद्रा पश्चिम के प्रोफेसर अल्मेडा पार्क स्थित मीना महल में 970 वर्ग फुट का एक अपार्टमेंट है। इस अपार्टमेंट के साथ कोई पार्किंग स्थान नहीं है और सोसाइटी का 34,000 रुपये बकाया है। इसकी आरक्षित कीमत 5.25 करोड़ रुपये रखी गई है।
वित्त मंत्रालय के सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक के अनुसार, इच्छुक पक्षों को सोमवार शाम तक जमा राशि के साथ अपनी बोली जमा करनी होगी। ई-नीलामी मंगलवार, 28 जुलाई को होगी।
1993 के बम धमाकों से पहले टाइगर मेमन और उसके पांच भाई अल-हुसैनी सोसाइटी के फ्लैट में रहते थे। 1994 में इस फ्लैट को कुर्क कर लिया गया था और बॉम्बे हाई कोर्ट के रिसीवर के पास इसका कब्जा रहा। अगस्त 2024 में विशेष टाडा अदालत ने संपत्ति को केंद्र सरकार को सौंपने का निर्देश दिया। इसके बाद नवंबर 2025 में वित्त मंत्रालय के अधीन सक्षम प्राधिकारी ने इसकी कीमत का आंकलन करने की प्रक्रिया शुरू की, जो नीलामी आयोजित करने से पहले की जाने वाली प्रक्रिया है।
टाइगर मेमन के पांच भाइयों में से याकूब मेमन को 30 जुलाई 2015 को नागपुर सेंट्रल जेल में फांसी दी गई थी और उसे मरीन लाइंस स्थित बड़ा कब्रिस्तान में उनके पिता की कब्र के पास दफनाया गया था। यूसुफ मेमन की जून 2020 में नासिक रोड जेल में मौत हो गई। ईसा मेमन उम्रकैद की सजा काट रहा है, जबकि सुलेमान मेमन को बरी कर दिया गया था। वहीं, अयूब मेमन टाइगर मेमन की तरह विदेश में रहता है।
