राज्यभर में चलाए जा रहे ‘सुरक्षित अन्न’ अभियान के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने छत्रपति संभाजीनगर, वालूज एमआईडीसी क्षेत्र के एक नामी होटल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। वडगांव कोल्हाटी स्थित ‘होटल मनी प्लांट’ में इस्तेमाल किए जा रहे पनीर को असुरक्षित और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाए जाने के बाद, साथ ही होटल की रसोई में भारी गंदगी मिलने पर प्रशासन ने होटल का खाद्य लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने होटल से लिए गए पनीर के नमूनों की प्रयोगशाला में जांच कराई। जांच में पनीर में दूध से मिलने वाले वसा (मिल्क फैट) की मात्रा निर्धारित मानकों से बेहद कम पाई गई। इसके बजाय इसमें स्वास्थ्य के लिए हानिकारक वनस्पति वसा (वेजिटेबल फैट) की गंभीर मिलावट पाए जाने की पुष्टि हुई। खाद्य विश्लेषकों ने इस पनीर को खाने के लिए ‘असुरक्षित’ घोषित किया है।
सिर्फ मिलावटी पनीर ही नहीं, बल्कि होटल के निरीक्षण के दौरान रसोई में कीड़ों की मौजूदगी, कचरा प्रबंधन की खराब व्यवस्था, पानी की गुणवत्ता की जांच नहीं कराया जाना और भोजन तैयार करने वाले कर्मचारियों के मेडिकल प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं होने जैसी कई गंभीर खामियां भी सामने आईं।
इन खामियों को लेकर प्रशासन की ओर से जारी नोटिस का होटल संचालक ने निर्धारित समय सीमा में कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद नागरिकों के स्वास्थ्य को होने वाले संभावित खतरे को देखते हुए सहायक आयुक्त द. वि. पाटिल ने होटल का खाद्य लाइसेंस निलंबित करने के आदेश जारी किए।
कार्रवाई के बाद होटल में खाद्य पदार्थों का निर्माण, भंडारण और ग्राहकों को भोजन परोसने पर तत्काल रोक लगा दी गई है। प्रशासन की लिखित अनुमति और सभी कमियों को दूर किए बिना होटल दोबारा शुरू करने पर कड़ी दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सहआयुक्त श्रीकांत करकले ने होटल संचालक को यह चेतावनी दी है।
