महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की ड्रग इंस्पेक्टर पद की परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक करने के मामले में नंदूरबार के 40 वर्षीय स्कूल शिक्षक मयूर ठाकरे को गिरफ्तार किया गया है। ठाकरे को सोमवार को मुंबई से गिरफ्तार किया गया। उसने इस गिरोह के केंद्र में रहे नंदूरबार स्थित एक कोचिंग संस्थान के निदेशक से परीक्षा में शामिल एक अभ्यर्थी के पिता की मुलाकात कराई थी।
22 मार्च को हुई परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने का मामला महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) में अनियमितताओं की उन कई घटनाओं में से एक है, जिन्हें लेकर छात्रों और नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं ने आवाज उठाई थी। आयोग में परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर पुणे में छात्रों ने लगातार 11 दिनों तक विरोध प्रदर्शन किया था। राज्य सरकार द्वारा अनियमितताओं की जांच कराने पर सहमति जताने और MPSC के अध्यक्ष को छुट्टी पर जाने के लिए कहने के बाद ही प्रदर्शन समाप्त हुआ था।
ड्रग इंस्पेक्टर पद की परीक्षा का प्रश्नपत्र 22 मार्च को परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले लीक हो गया था। इस मामले में अंततः मयूर ठाकरे समेत 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “ मयूर ठाकरे ने परीक्षा में सातवां स्थान हासिल करने वाली अभ्यर्थी रुतुजा पाटिल के पिता अमृत पाटिल की मुलाकात प्रवीण पाटिल से कराई थी। प्रवीण पाटिल नंदूरबार स्थित कौटिल्य अकादमी नामक कोचिंग संस्थान का निदेशक था।”
मयूर ठाकरे खेल शिक्षक है। प्रश्नपत्र लीक होने का मामला सामने आने के बाद से ही वह फरार था। पुलिस के मुताबिक, उसका मोबाइल फोन बंद था और वह नंदूरबार तथा धुले में अपने रिश्तेदारों के यहां रह रहा था। सोमवार को उसने अपना फोन चालू किया, जिसके बाद पुलिस ने उसे मुंबई से गिरफ्तार कर लिया।
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ, जब रुतुजा पाटिल के पूर्व प्रेमी गौरव पाटिल ने 22 जुलाई को MPSC को इसकी जानकारी दी। उसी दिन परीक्षा के परिणाम घोषित किए गए थे। गौरव पाटिल इस परीक्षा का अभ्यर्थी नहीं था, लेकिन रुतुजा पाटिल ने उसके साथ प्रश्नपत्र साझा किया था। माना जा रहा है कि रुतुजा पाटिल द्वारा रिश्ता खत्म किए जाने से नाराज गौरव पाटिल ने बदला लेने के लिए इस घोटाले का पर्दाफाश किया।
पुलिस के अनुसार, लीक हुए प्रश्नपत्र में परीक्षा में पूछे गए कुल 297 प्रश्नों में से 77 प्रश्न शामिल थे।
पुलिस उपायुक्त राजतिलक रौशन के मुताबिक, रुतुजा पाटिल के पिता अमृत पाटिल ने परीक्षा से दो दिन पहले प्रवीण पाटिल से लीक हुआ प्रश्नपत्र हासिल किया था। प्रवीण पाटिल को यह प्रश्नपत्र MPSC के अधिकारी विशेष्वर नकाटे से मिला था। आरोप है कि विशेष्वर नकाटे ने नवी मुंबई स्थित MPSC कार्यालय से प्रश्नपत्र चुराया था।
पुलिस अधिकारी के अनुसार विशेष्वर नकाटे ने प्रश्नपत्र की एक और प्रति तैयार की और उसे MPSC के एक अन्य अधिकारी अभिजीत लेंडावे को दे दिया। अभिजीत लेंडावे ने यह प्रश्नपत्र MPSC के एक अन्य अधिकारी गोपाल मराठे को सौंपा, जो पहले प्रवीण पाटिल का छात्र रह चुका था।
मामले में शुरुआती गिरफ्तारियों में गौरव पाटिल, अभिजीत लेंडावे, विशेष्वर नकाटे, गोपाल मराठे, प्रवीण पाटिल, रुतुजा पाटिल और अमृत पाटिल शामिल थे।
सितंबर में पुलिस ने सांगली के अभ्यर्थी साजिद सांडे और बुलढाणा के विजय किंकर को गिरफ्तार किया। प्रश्नपत्र लीक कर उन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाने वाले दो बिचौलियों को भी गिरफ्तार किया गया। उनकी पहचान नवी मुंबई के संदीप कलाटे और भैरवनाथ कदम के रूप में हुई है।
पुलिस का दावा है कि प्रश्नपत्र लीक होने से तीन अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचा। हालांकि, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता रोहित पवार ने आरोप लगाया है कि परीक्षा से दो दिन पहले कौटिल्य अकादमी के कई अभ्यर्थियों को MPSC की ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा का प्रश्नपत्र करीब 12 लाख रुपये में बेचा गया था।
