स्कूल परिसर में चॉकलेट, चिप्स और कोल्ड ड्रिंक्स पर प्रतिबंध

 

खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) आयुक्त तुकाराम मुंढे ने बुधवार, 29 जुलाई 2026 को प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि स्कूलों की कैंटीन, मध्याह्न भोजन केंद्र, छात्रावास, छात्रावासों की रसोई तथा सभी वैध खाद्य आपूर्तिकर्ताओं के लिए FSSAI लाइसेंस या पंजीकरण अनिवार्य होगा। स्कूलों में भोजन उपलब्ध कराने वाले, कैंटीन संचालक या आंगनवाड़ियों को भोजन देने वाले ठेकेदारों के पास FSSAI का लाइसेंस होना जरूरी है। यदि ऐसा नहीं है तो लाइसेंसधारी खाद्य आपूर्तिकर्ताओं की नियुक्ति करनी होगी।

FDA आयुक्त के अनुसार बदलती जीवनशैली, आक्रामक विपणन और अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के कारण स्कूलों के आसपास कोल्ड ड्रिंक्स, चिप्स, तले हुए स्नैक्स और अन्य जंक फूड आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं। कई स्थानों पर FSSAI लाइसेंस, स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल की भी कमी पाई गई है।

ऐसे खाद्य पदार्थों के नियमित सेवन से बच्चों में मोटापा, सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी, एनीमिया, एकाग्रता में कमी तथा आगे चलकर जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ता है। इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य और भविष्य की मानव संसाधन क्षमता से जुड़ा गंभीर विषय माना गया है।

स्कूल परिसर तथा स्कूल के मुख्य प्रवेश द्वार से 50 मीटर की परिधि में HFSS (अधिक वसा, अधिक नमक और अधिक चीनी वाले खाद्य पदार्थ) की बिक्री, विज्ञापन, प्रचार और मुफ्त वितरण पर प्रतिबंध रहेगा। अधिक नमक, चीनी, संतृप्त वसा और ट्रांस फैट वाले खाद्य पदार्थ स्कूल परिसर में पूरी तरह प्रतिबंधित होंगे। छात्रों को फल, सब्जियां, दालें, साबुत अनाज, दूध तथा स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

प्रत्येक स्कूल में सुरक्षित पेयजल, स्वच्छता, खाद्य भंडारण, तापमान नियंत्रण, कीट नियंत्रण और कचरा प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। हर स्कूल में Food Safety Display Board, Food Safety Supervisor तथा Health and Wellness Ambassador अथवा नोडल अधिकारी की नियुक्ति अनिवार्य होगी।

प्रत्येक स्कूल का वर्ष में कम से कम दो बार खाद्य सुरक्षा निरीक्षण तथा कम से कम एक बार खाद्य नमूना परीक्षण किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों, कैंटीन संचालकों, खाद्य आपूर्तिकर्ताओं और विक्रेताओं के खिलाफ सुधार नोटिस, लाइसेंस संबंधी कार्रवाई, जब्ती, अभियोजन तथा आवश्यकतानुसार कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

यह आदेश राज्य के सभी सरकारी, अनुदानित और निजी स्कूलों, राज्य बोर्ड, CBSE, ICSE तथा अन्य बोर्डों से संबद्ध विद्यालयों, प्री-प्राइमरी से माध्यमिक स्तर तक के स्कूलों, आवासीय विद्यालयों, छात्रावासों, कैंटीन, टक शॉप, मध्याह्न भोजन केंद्रों, PM POSHAN योजना तथा स्कूलों को भोजन उपलब्ध कराने वाले सभी Food Business Operators (FBOs) पर लागू होगा।

इस राज्यव्यापी अभियान के तहत अब तक 42 जागरूकता कार्यशालाओं के माध्यम से राज्यभर के 3,567 स्कूलों के 4,919 शिक्षकों को खाद्य सुरक्षा और संतुलित पोषण के बारे में प्रशिक्षित एवं जागरूक किया जा चुका है।

Leave a Comment