7.5 करोड़ रुपये जमा कर लीलावती अस्पताल के ट्रस्टी को विदेश जाने की अनुमति

 

बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार को लीलावती अस्पताल के ट्रस्टी राजेश मेहता को 120 दिनों के लिए विदेश यात्रा की अनुमति दे दी। राजेश मेहता पर 67 करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज को लेकर HDFC बैंक की वसूली कार्रवाई चल रही है। अदालत ने विदेश यात्रा से पहले उन्हें अतिरिक्त 7.5 करोड़ रुपये की सुरक्षा राशि जमा करने का निर्देश दिया।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रविंद्र वी. घुगे और न्यायमूर्ति श्याम सी. चांडक की खंडपीठ ने कहा कि राजेश मेहता के “भारत में पर्याप्त गहरे संबंध, उद्देश्य और काम” हैं, जिनके कारण उन्हें देश लौटना पड़ेगा। अदालत ने यह भी कहा कि बैंक की ओर से उनकी विदेश यात्रा को लेकर किसी गंभीर आशंका को सामने नहीं रखा गया है।

राजेश मेहता ऋण वसूली अधिकरण (DRT) के समक्ष लंबित एक वसूली मामले में रिकवरी सर्टिफिकेट के तहत देनदारों में से एक हैं। इस मामले में HDFC बैंक राजेश मेहता और अन्य लोगों से ब्याज सहित 147.45 करोड़ रुपये की वसूली की मांग कर रहा है। बॉम्बे हाई कोर्ट में दायर याचिका में राजेश मेहता ने DRT और ऋण वसूली अपीलीय अधिकरण (DRAT) के फरवरी और अप्रैल 2025 में पारित आदेशों को चुनौती दी थी। इन आदेशों में उनके खिलाफ चल रही वसूली कार्रवाई पर रोक लगाने से इन्कार किया गया था।

वरिष्ठ अधिवक्ता अस्पी चिनॉय और अधिवक्ता जॉन जोएल कार्लोस ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए राजेश मेहता को एक साल के लिए विदेश यात्रा की अनुमति देने की मांग की। इन कारणों में अपनी मां और पोते-पोतियों के साथ समय बिताना तथा लीलावती अस्पताल और अन्य सुविधाओं के प्रस्तावित विस्तार से जुड़े पेशेवर दायित्व शामिल थे। राजेश मेहता ने अनुमति के लिए अदालत में 7.5 करोड़ रुपये जमा करने की भी इच्छा जताई थी।

दूसरी ओर, बैंक ने दलील दी कि राजेश मेहता से ब्याज सहित भारी बकाया ऋण राशि वसूल की जानी है। बैंक ने उनकी याचिका का विरोध करते हुए कहा कि विदेश यात्रा के लिए बताए गए कारण उचित नहीं हैं और उन्हें विशिष्ट विवरणों के साथ प्रमाणित भी नहीं किया गया है।

हालांकि, अदालत ने कहा कि राजेश मेहता को इससे पहले भी विदेश यात्रा की अनुमति दी गई थी और उन्होंने उस समय लगाई गई शर्तों का पालन किया था। लेकिन अदालत ने यह भी कहा कि आज की तारीख में राजेश मेहता के खिलाफ ब्याज सहित वसूली की राशि लगभग 67 करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है। अदालत ने कहा कि यदि बैंक के अनुसार राजेश मेहता अब ट्रस्ट और अस्पताल से जुड़े हुए नहीं हैं, तो पूरे विश्वास के साथ यह नहीं कहा जा सकता कि वह भारत लौटेंगे।

अदालत ने कहा, “दोनों पक्षों के हितों में संतुलन बनाना होगा और इसके लिए उन्हें एक राशि जमा करने का निर्देश देना होगा।” इसके बाद अदालत ने राजेश मेहता को विदेश यात्रा से पहले 7.5 करोड़ रुपये की सुरक्षा राशि जमा करने का निर्देश दिया। साथ ही, उन्हें अपनी यात्रा का कार्यक्रम (इटिनरेरी) और संपर्क संबंधी विवरण अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा गया।

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