मेहुल चोकसी से जुड़े PNB घोटाले में CBI ने चार और आरोपियों को बनाया आरोपी

 

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी से जुड़े 13,578 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) धोखाधड़ी मामले में चार और लोगों को आरोपी बनाया है। विशेष अदालत ने इन चारों के नाम वाली पूरक आरोपपत्र (सप्लीमेंट्री चार्जशीट) का संज्ञान लेते हुए उन्हें समन जारी किया है। इनमें पीएनबी की ब्रैडी हाउस शाखा के तत्कालीन आंतरिक मुख्य लेखा परीक्षक (Internal Chief Auditor) भी शामिल हैं।

विशेष न्यायाधीश एस.के. करहले ने कहा कि पूरक आरोपपत्र में प्रस्तुत सामग्री प्रथम दृष्टया आरोप तय करने के लिए पर्याप्त है। अदालत ने PNB की ब्रैडी हाउस शाखा के तत्कालीन इंटरनल चीफ ऑडिटर बिष्णुब्रत मिश्रा तथा तीन निजी व्यक्तियों—जैश इंद्रवदन शाह, अजीत कांतिलाल भेडा और दीपेन चंद्रवदन शाह—के खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ाने का आदेश दिया। जांच एजेंसी के अनुसार ये तीनों मेहुल चोकसी के सहयोगी हैं।

फरवरी 2018 में मेहुल चोकसी के देश छोड़कर भागने के लगभग एक महीने बाद, CBI ने मेहुल चोकसी, उसकी गीतांजलि समूह की कंपनियों और PNB के कई अधिकारियों समेत अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी।

CBI की जांच में सामने आया कि PNB ने मेहुल चोकसी के नियंत्रण वाली कंपनियों से संबंधित 7,080.86 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके अलावा, इन कंपनियों ने 32 बैंकों के एक कंसोर्टियम से भी ऋण सुविधाएं ली थीं, जिनका 31 दिसंबर 2017 तक कुल बकाया 5,099.74 करोड़ रुपये था।

जांच में यह भी पता चला कि वर्ष 2011 से 2017 के बीच गीतांजलि समूह की कंपनियों ने फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoU) हासिल किए और इनके आधार पर विदेशों में धन जुटाया गया।

पूरक आरोपपत्र के अनुसार, नए शामिल किए गए चारों आरोपियों ने पहले से नामजद आरोपियों के साथ मिलकर वर्ष 2015 में गीतांजलि समूह की कंपनियों के लिए विदेशी बैंकों के पक्ष में 118 फर्जी और अनधिकृत लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoU) जारी कराने में भूमिका निभाई। यह तब किया गया, जबकि संबंधित कंपनियों के लिए कोई स्वीकृत क्रेडिट सीमा नहीं थी। अदालत ने कहा कि ये 118 LoU लगभग 21.87 करोड़ रुपये के लेनदेन से जुड़े थे।

CBI का यह भी आरोप है कि वर्ष 2016 में इन आरोपियों ने गीतांजलि समूह की कंपनियों—अस्मी ज्वेलरी इंडिया लिमिटेड, गिली इंडिया लिमिटेड, गीतांजलि एक्सपोर्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड और नक्षत्र ब्रांड्स लिमिटेड—के लिए 116 और फर्जी LoU जारी कराने में मदद की। ये LoU भी बिना स्वीकृत क्रेडिट सीमा, अनिवार्य 110 प्रतिशत नकद मार्जिन और पीएनबी की कोर बैंकिंग प्रणाली में लेनदेन दर्ज किए बिना जारी किए गए, जिससे विदेशी ऋणदाताओं से धोखाधड़ी के जरिए बायर्स क्रेडिट प्राप्त किया गया।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि आरोपियों ने फर्जी LoU और विदेशी लेटर ऑफ क्रेडिट में संशोधन कराने की साजिश रची, जिसके परिणामस्वरूप बैंक के धन का दुरुपयोग हुआ।

इसी प्रकार जांच एजेंसी के अनुसार, मेहुल चोकसी के भांजे नीरव मोदी ने भी इसी अवधि के दौरान पीएनबी को 6,498 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया। नीरव मोदी भी जनवरी 2018 में CBI द्वारा FIR दर्ज किए जाने से लगभग एक महीने पहले देश छोड़कर फरार हो गया था।

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